अमेरिका-रूस वार्ता से बाहर रखे जाने पर यूक्रेन के राष्ट्रपति की शिकायत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की आलोचना करते हुए कहा कि वह इस बात से “निराश” हैं कि यूक्रेनी नेता अमेरिका और रूस के बीच चल रही शांति वार्ता से बाहर किए जाने की शिकायत कर रहे हैं।
ट्रम्प ने संकेत दिया कि रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के लिए कीव भी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेन चाहता तो वह “समझौता” कर युद्ध को टाल सकता था।
“मैं बहुत निराश हूँ, मैंने सुना कि वे (यूक्रेन) वार्ता में न बुलाए जाने को लेकर परेशान हैं।” – ट्रम्प
“यूक्रेन को कभी युद्ध शुरू ही नहीं करना चाहिए था”
फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रम्प ने कहा कि यूक्रेन को युद्ध रोकने के लिए समझौता करना चाहिए था।
“आज मैंने सुना कि ‘हमें बुलाया नहीं गया’ … लेकिन तुम तीन साल से वहीं हो! यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होना चाहिए था। तुम एक समझौता कर सकते थे।”
ज़ेलेंस्की पर बढ़ता दबाव, चुनाव कराने की सलाह
ट्रम्प ने ज़ेलेंस्की पर दबाव बढ़ाते हुए कहा कि यूक्रेन में चुनाव होने चाहिए। उन्होंने इसे रूस की मांग के बजाय अपनी व्यक्तिगत राय बताया।
“यूक्रेन में लंबे समय से चुनाव नहीं हुए हैं। वहां मार्शल लॉ लागू है। नेता का समर्थन घटकर 4% रह गया है और पूरा देश बर्बाद हो चुका है।”
यूक्रेन को बाहर रखकर अमेरिका-रूस शांति वार्ता
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका-रूस वार्ता पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह वार्ता निष्पक्ष होनी चाहिए और इसमें यूरोपीय देशों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
“यूक्रेन पर चर्चा हो रही है, लेकिन बिना यूक्रेन के!” – जेलेंस्की
यूरोपीय नेताओं की चिंता, ट्रम्प पर रूस को ज्यादा रियायत देने का आरोप
यूरोपीय नेताओं को डर है कि ट्रम्प रूस को बहुत अधिक रियायतें दे रहे हैं। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कालास ने कहा:
“रूस हमें विभाजित करने की कोशिश करेगा। हमें उनके जाल में नहीं फंसना चाहिए। अमेरिका और यूरोप साथ मिलकर यूक्रेन के लिए न्यायसंगत और स्थायी शांति ला सकते हैं।”
पुतिन से मुलाकात की संभावना, शांति वार्ता तेज
ट्रम्प ने खुलासा किया कि उन्होंने पुतिन से बात की है और दोनों नेताओं ने शांति वार्ता को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि पहली बैठक सऊदी अरब में हो सकती है।
“मुझे लगता है कि मेरे पास इस युद्ध को समाप्त करने की शक्ति है, और यह वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है।”
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि उनका देश किसी भी शांति समझौते के तहत नाटो शांति सेना को यूक्रेन में स्वीकार नहीं करेगा। वहीं, ट्रम्प ने संकेत दिया कि फ्रांस और ब्रिटेन शांति सेना भेज सकते हैं, लेकिन अमेरिका इसमें शामिल नहीं होगा।
ट्रम्प का विवादित बयान, जेलेंस्की ने दी प्रतिक्रिया
ट्रम्प की आलोचनाओं के जवाब में जेलेंस्की ने कहा कि वह यूक्रेनी जनता के समर्थन से राष्ट्रपति बने हैं और रूस उन्हें हटाना चाहता है।
“रूस मुझसे छुटकारा पाना चाहता है। मैं पुतिन के लिए असुविधाजनक व्यक्ति हूँ।” – जेलेंस्की
पूर्व अमेरिकी प्रशासन के अधिकारी सीन सावेत्त ने ट्रम्प पर निशाना साधते हुए कहा:
“ट्रम्प ने पुतिन के प्रचार को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। यह युद्ध रूस ने अकारण आक्रमण कर शुरू किया और उसकी सेना यूक्रेन में युद्ध अपराध कर रही है।”
अमेरिका-रूस वार्ता से क्या निकलेगा नतीजा?
अब दुनिया की निगाहें ट्रम्प और पुतिन के संभावित समझौते पर टिकी हैं। जहां ट्रम्प इस युद्ध को खत्म करने का दावा कर रहे हैं, वहीं यूरोप को डर है कि यह शांति रूस को और ताकतवर बना सकती है।
