ब्रिटेन की सुरक्षा, समृद्धि और एकता के लिए प्रधानमंत्री की नई रणनीतिक रक्षा नीति की घोषणा
देहाती: लंदन, 3 जून
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीयर स्टारमर ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट से देश की रणनीतिक रक्षा समीक्षा (Strategic Defence Review) पर वक्तव्य देते हुए कहा कि बदलते वैश्विक खतरे और यूरोप में जारी संघर्ष के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने हाल ही में एक पनडुब्बी पर किए गए दौरे का हवाला देते हुए कहा कि ब्रिटेन के सशस्त्र बल न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार हैं, बल्कि “सहयोग और एकजुटता की भावना” ही रक्षा के हर प्रयास की आत्मा है।
प्रधानमंत्री ने रक्षा नीति में तीन मूलभूत परिवर्तनों की घोषणा की—पहला, युद्ध के लिए तत्परता को सशस्त्र बलों का केन्द्रीय उद्देश्य बनाना; दूसरा, नाटो को सुदृढ़ करने में ब्रिटेन की भूमिका को विस्तार देना; और तीसरा, नवाचार को तीव्र गति से लागू करना। उन्होंने कहा कि इन बदलावों के माध्यम से ब्रिटेन को “लड़ाई के लिए तैयार, बख्तरबंद राष्ट्र” बनाया जाएगा जो आने वाले दशकों तक हर चुनौती का सामना कर सके।
प्रधानमंत्री स्टारमर ने कहा कि 2027 तक रक्षा बजट को GDP के 2.5% तक और अगले संसदीय कार्यकाल में इसे 3% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जो शीतयुद्ध के बाद सबसे बड़ा निवेश होगा। उन्होंने बताया कि छह नए गोला-बारूद कारखानों की स्थापना, लंबी दूरी की मिसाइल उत्पादन, एयर डिफेंस, और अत्याधुनिक युद्धपोतों के निर्माण जैसे कदमों से न केवल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी बल्कि देशभर में हज़ारों रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
उन्होंने ‘डिफेंस डिविडेंड’ की परिकल्पना प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह रक्षा निवेश ब्रिटिश जनता के जीवन स्तर में प्रत्यक्ष सुधार लाएगा—जैसे कभी ‘शांति लाभांश’ (peace dividend) ने किया था। उन्होंने इस नीति को “ब्रिटिश गौरव और जनता में पुनर्निवेश” करार दिया।
उन्होंने कहा, “हमारी सेना के हर अंग से लेकर नागरिक समाज तक, हर व्यक्ति की भूमिका है… जब राष्ट्र की सुरक्षा और पुनर्निर्माण की बात हो—कुछ भी काम नहीं करता जब तक हम सब मिलकर न करें।”
