Prime-Minister-Benjamin Netanyahu

ईरान के लिए नेतन्याहू का संदेश: आज़ादी और समृद्धि का आह्वान

इज़राइल के प्रधानमंत्री ने ईरानियों से तानाशाही के ख़िलाफ़ उठ खड़े होने और बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया

यरुशलम से ईरान के गौरवशाली नागरिकों को संबोधित करते हुए इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि आपके शासकों ने हम पर 12 दिन का युद्ध थोप दिया और बुरी तरह हार गए। वे झूठ बोलते हैं, लेकिन कभी-कभी सच्चाई भी कबूल कर लेते हैं। हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि पानी, बिजली, धन और महंगाई—हर जगह समस्या है, यहां तक कि सितंबर-अक्टूबर तक बांधों में पानी भी नहीं बचेगा। यह सच है—सब कुछ बिखर रहा है। इस भीषण गर्मी में आपके पास अपने बच्चों को देने के लिए साफ़ और ठंडा पानी तक नहीं है। यह आपके और आपके बच्चों के साथ अन्याय है।

नेतन्याहू ने कहा कि इज़राइल दुनिया में जल पुनर्चक्रण में पहले स्थान पर है और 90% गंदे पानी को पुनर्चक्रित करता है। साथ ही, समुद्री जल को मीठा बनाने में भी अग्रणी है। लगभग एक दशक पहले उन्होंने फ़ारसी भाषा में टेलीग्राम चैनल शुरू कर ईरानियों को जल प्रबंधन सिखाने की कोशिश की थी, जिसे तुरंत एक लाख लोगों ने जॉइन किया। उन्होंने कहा कि ईरान में पानी की प्यास, आज़ादी की प्यास के बराबर है।

उन्होंने वादा किया कि जिस क्षण ईरान स्वतंत्र होगा, इज़राइल के शीर्ष जल विशेषज्ञ हर ईरानी शहर में पहुंचकर अत्याधुनिक तकनीक और ज्ञान उपलब्ध कराएंगे—पानी का पुनर्चक्रण और समुद्री जल को मीठा बनाने की परियोजनाएं लागू होंगी। उन्होंने कल्पना करने को कहा कि करज डैम में फिर से परिवारों के साथ वॉटर स्कीइंग हो, फरहज़ाद की सूखी नदी में फिर से जल प्रवाहित हो, नियावरन और दरबंद के पेड़ों को प्रचुर पानी मिले, और कभी सुंदर रहा उर्मिया झील फिर से जीवन पा ले। यह सपना नहीं, हकीकत हो सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के शासक जनता को गरीबी और तानाशाही में झोंक रहे हैं, जैसे वे इज़राइल पर युद्ध थोपते हैं। 46 वर्षों से ईरानियों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और रचनात्मकता जैसे बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि महान कुरोश के वंशज इससे कहीं बेहतर के हक़दार हैं। नेतन्याहू ने बताया कि तेहरान के तानाशाह जनता के अस्पतालों, स्कूलों और सड़कों पर खर्च करने के बजाय सैकड़ों अरब डॉलर हमास, हिज़्बुल्लाह और हूथियों को भेजते हैं।

उन्होंने ईरानियों से अपील की कि वे साहसी बनें, आज़ादी का सपना देखें, अपने परिवारों और भविष्य के लिए जोखिम उठाएं, सड़कों पर उतरें, न्याय और जवाबदेही की मांग करें, तानाशाही का विरोध करें और बेहतर भविष्य का निर्माण करें। उन्होंने कहा कि आप अकेले नहीं हैं—इज़राइल, पूरा मुक्त विश्व आपके साथ है। तानाशाह ज़्यादा दिन नहीं टिकेंगे, इतिहास इसे दर्ज करेगा, और जल्द ही ईरान स्वतंत्र होगा, पानी प्रचुर मात्रा में मिलेगा, अर्थव्यवस्था फलेगी-फूलेगी और बच्चे निश्चिंत होकर खेलेंगे।

अंत में नेतन्याहू ने थियोडोर हर्ज़ल का उद्धरण दोहराया—“यदि आप चाहें तो यह सपना नहीं”—और जोड़ा, “यदि आप चाहें तो स्वतंत्र ईरान कोई सपना नहीं है। अब कार्रवाई का समय है, अब स्वतंत्रता के लिए संघर्ष का समय है। ईरान ईरानियों के लिए।”

16 अगस्त, 2025


लंदन में ज़ेलेंस्की और स्टार्मर की मुलाक़ात: अलास्का बैठक और सुरक्षा गारंटी पर चर्चा

लंदन में ज़ेलेंस्की और स्टार्मर की मुलाक़ात: अलास्का बैठक और सुरक्षा गारंटी पर चर्चा

साहित्य सम्राट जर्नल: बंगला भाषा, साहित्य और धरोहर

साहित्य सम्राट जर्नल: बंगला भाषा, साहित्य और धरोहर