यह नीति अमेरिका के वैश्विक व्यापार पर प्रभुत्व और डिजिटल अर्थव्यवस्था को संरक्षित करने के लिए बनाई गई है, जिससे अमेरिका के तकनीकी क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।
अमेरिकी कंपनियों की सुरक्षा: विदेशी अवैध करों और अनुचित दंडों के खिलाफ अमेरिका का कड़ा रुख
Defending American Companies and Innovators From Overseas Extortion and Unfair Fines and Penalties
वाशिंगटन, 21 फरवरी 2025 – अमेरिका की सरकार ने अपने डिजिटल अर्थव्यवस्था और तकनीकी कंपनियों को विदेशी सरकारों द्वारा लगाए गए अवैध करों, अनुचित दंड और जबरन वसूली से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की घोषणा की है।
विदेशी सरकारों की एकतरफा नीतियों पर अमेरिकी प्रशासन की सख्त कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा वित्त मंत्री, वाणिज्य सचिव, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि और व्यापार एवं विनिर्माण के लिए वरिष्ठ सलाहकार को संबोधित एक आधिकारिक ज्ञापन जारी किया गया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि अमेरिका अब विदेशी सरकारों द्वारा अमेरिकी कंपनियों पर लगाए गए अनुचित करों और नीतियों को स्वीकार नहीं करेगा।
राष्ट्रपति ने कहा, “हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था ऑस्ट्रेलिया, कनाडा या अधिकांश यूरोपीय संघ के देशों की पूरी अर्थव्यवस्था से बड़ी है। इसके बावजूद, विदेशी सरकारें हमारे नवाचारों का अनुचित लाभ उठाकर अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचा रही हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
विदेशी डिजिटल सेवा कर और दंडात्मक नीतियों पर अमेरिका की आपत्ति
अमेरिकी प्रशासन ने बताया कि 2019 के बाद से कई व्यापारिक साझेदारों ने डिजिटल सेवा कर (DST) लागू किए, जिससे अमेरिकी कंपनियों को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है। फ्रांस, ऑस्ट्रिया, इटली, स्पेन, तुर्की और यूनाइटेड किंगडम उन देशों में शामिल हैं जिन्होंने ये कर लगाए हैं।
राष्ट्रपति ने कहा, “विदेशी सरकारें खुलकर यह स्वीकार कर रही हैं कि उनके कर अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं। यह सीधे-सीधे हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है।”
इसके अलावा, अमेरिकी प्रशासन ने निम्नलिखित मुद्दों पर भी आपत्ति जताई:
- विदेशी कानूनी ढांचे द्वारा डेटा प्रवाह पर लगाए गए प्रतिबंध, जिससे अमेरिकी कंपनियों के लिए वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाता है।
- अमेरिकी स्ट्रीमिंग सेवाओं पर स्थानीय उत्पादन को वित्तपोषित करने की जबरदस्ती।
- नेटवर्क उपयोग और इंटरनेट टर्मिनेशन शुल्क जैसी नीतियां, जो अमेरिकी सेवाओं के लिए अतिरिक्त लागत बढ़ाती हैं।
- विदेशी नियामकों द्वारा अमेरिकी कंपनियों के संवेदनशील डेटा तक पहुंच की मांग।
अमेरिका की रणनीति: जवाबी कार्रवाई और कड़े व्यापार उपाय
राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इन नीतियों के खिलाफ शक्तिशाली जवाबी कदम उठाएगी।
“अमेरिकी कंपनियां अब विदेशी सरकारों की विफल अर्थव्यवस्थाओं को सहारा नहीं देंगी। यदि कोई सरकार हमारे व्यवसायों के साथ अन्याय करेगी, तो उसे अमेरिकी प्रशासन की प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहना होगा।”
संभावित कदम:
- टैरिफ और अन्य दंडात्मक शुल्क लगाना, जिससे अमेरिका के खिलाफ नीतियां अपनाने वाले देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो।
- नए व्यापार समझौतों पर पुनर्विचार, जिससे अमेरिकी कंपनियों को समान अवसर मिलें।
- बौद्धिक संपदा और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम लागू करना।
सरकारी एजेंसियों को ठोस कदम उठाने का निर्देश
अमेरिकी प्रशासन ने विभिन्न एजेंसियों को निम्नलिखित कार्रवाई करने का निर्देश दिया:
- अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) को फ्रांस, ऑस्ट्रिया, इटली, स्पेन, तुर्की और ब्रिटेन के डिजिटल सेवा करों की दोबारा जांच करनी होगी और जवाबी कार्रवाई करनी होगी।
- वित्त मंत्रालय, वाणिज्य विभाग और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को अन्य विदेशी करों और व्यापार नीतियों की जांच कर उपयुक्त कदम उठाने होंगे।
- यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की उन नीतियों की जांच करनी होगी जो अमेरिकी कंपनियों को अनुचित रूप से प्रभावित करती हैं।
- संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि को एक तंत्र स्थापित करना होगा, जिससे अमेरिकी व्यवसाय अपनी शिकायतें सीधे सरकार तक पहुंचा सकें।
निष्कर्ष: अमेरिका विदेशी व्यापारिक दबावों के आगे नहीं झुकेगा
अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिकी कंपनियों और नवाचारों को विदेशी हस्तक्षेप और अनुचित कराधान से बचाने के लिए किसी भी हद तक जाएगा।
राष्ट्रपति ने दोहराया, “हम अमेरिकी कंपनियों को सुरक्षित रखेंगे, उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे श्रमिकों और व्यवसायों को दुनिया भर में समान अवसर मिलें।”
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