केंद्र सरकार ने कोचिंग सेंटरों से विद्यार्थियों के लिए ₹1.56 करोड़ की राशि वापस कराई
600 से अधिक छात्रों को मिला न्याय, नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के जरिए की गई शिकायतों का समाधान
भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग (DoCA) ने 600 से अधिक छात्रों को ₹1.56 करोड़ की राशि वापस दिलाई है। ये छात्र सिविल सेवा, इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए विभिन्न कोचिंग संस्थानों में नामांकित थे, लेकिन संस्थानों द्वारा फीस वापसी से इनकार किया जा रहा था।
छात्रों ने नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उपभोक्ता मामलों के विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान किया। इस पहल से छात्रों को उनकी अधूरी सेवाओं, देर से शुरू हुई कक्षाओं और रद्द किए गए पाठ्यक्रमों की भरपाई करने का अवसर मिला।
कोचिंग सेंटरों को स्पष्ट दिशा-निर्देश
उपभोक्ता मामलों के विभाग ने कोचिंग संस्थानों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं:
- कोचिंग सेंटरों को छात्र-हितैषी रिफंड नीति अपनाने के लिए कहा गया है।
- पारदर्शिता बनाए रखते हुए उचित शुल्क वापसी सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है।
- छात्रों के उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करने और अनुचित व्यापार प्रथाओं को समाप्त करने के लिए सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।
NCH बना छात्रों के लिए संजीवनी
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) छात्रों के लिए एक कारगर समाधान मंच बनकर उभरा है। इसकी मदद से छात्र बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया में उलझे अपनी शिकायतों का निपटारा करवा पा रहे हैं।
कुछ सफल मामलों पर एक नजर:
📌 चेन्नई, तमिलनाडु: एक छात्र ने हॉस्टल लिया, लेकिन सेवाओं में खामियां थीं। NCH की मदद से पूरी राशि वापस मिली।
📌 राजकोट, गुजरात: एक छात्र को साइकोलॉजी वर्कशॉप में जगह नहीं मिली, लेकिन दबाव में भुगतान करवाया गया था। NCH के हस्तक्षेप से पूरी राशि वापस हुई।
📌 जमशेदपुर, झारखंड: एक JEE छात्र ने कोर्स खरीदा, लेकिन संस्थान ने लेन-देन से इनकार कर दिया। NCH की मदद से रिफंड प्राप्त हुआ।
📌 वेल्लोर, तमिलनाडु: छात्र ने कोर्स छोड़ा, लेकिन संस्थान ने रिफंड देने से मना कर दिया था। NCH ने रिफंड दिलाने में मदद की।
📌 कोटा, राजस्थान: एक छात्र को 15 दिनों में रिफंड का वादा किया गया था, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। NCH के माध्यम से 4 दिनों में राशि प्राप्त हुई।
📌 कोरबा, छत्तीसगढ़: एक छात्र को 14 दिन की ट्रायल अवधि के दौरान कोर्स पसंद नहीं आया। NCH की मदद से रिफंड संभव हुआ।
📌 औरंगाबाद, महाराष्ट्र: एक सिविल सेवा अभ्यर्थी को परिस्थितियों के कारण कोर्स छोड़ना पड़ा, लेकिन संस्थान ने रिफंड देने से इनकार कर दिया। NCH ने न्याय दिलाया।
छात्रों के लिए सरकार की अपील
उपभोक्ता मामलों का विभाग सभी छात्रों से अपील करता है कि अगर वे किसी भी कोचिंग संस्थान से फीस वापसी में दिक्कत का सामना कर रहे हैं, तो वे नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पर शिकायत दर्ज करें।
सरकार कोचिंग सेंटरों में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए प्रयासरत है ताकि भविष्य में छात्रों को ऐसे किसी भी अन्याय का सामना न करना पड़े।
