सरकारी आँकड़े और भाषण अक्सर कागज़ी उपलब्धियों का महिमामंडन करते हैं, जबकि आम नागरिक की ज़िंदगी में इनका ठोस असर सीमित है।
स्वदेशी का संकल्प या प्रचार का मोह? मोदी की आत्मनिर्भरता की खोखली हकीकत
मोदी की स्वदेशी अपील बनाम ज़मीनी हकीकत—भारत आज भी चीन से गणेश मूर्तियाँ और राखियाँ आयात करता है। क्यों असफल हो रहा है आत्मनिर्भर भारत?
सीज़फायर के बाद भारत की विदेश नीति: एक रणनीतिक आत्मसमर्पण की कथा
देहाती जर्नल: 11th May 2025 कूटनीतिक आत्मनिर्णयहीनता का वैश्विक प्रदर्शन 10 मई 2025 को भारतीय समयानुसार अपराह्न 3:35 पर पाकिस्तान के डीजीएमओ मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्लाह ने भारत के डीजीएमओ…
सिंधु जल संधि का स्थगन — पाकिस्तान की नदियों पर छाया हुआ संकट
जब जल को हथियार बनाया जाए, तब सभ्यता की नींव डगमगाने लगती है Date: 5th April 2025 भारत द्वारा 1960 की ऐतिहासिक सिंधु जल संधि को “स्थगित” करने की हालिया…
महिलाएँ केवल प्रेरणा का स्रोत ही नहीं, बल्कि बदलाव की वाहक भी हैं: महिलाओं की स्थिति, सोवियत संघ से पुतिन युग तक
संपादकीय: 13th March 2025 रूस में महिलाओं की स्थिति: सोवियत संघ से पुतिन युग तक रूस में महिलाओं की स्थिति समय के साथ अनेक बदलावों से गुज़री है। सोवियत संघ…
