9 से 14 मई तक प्रभावी NOTAM के तहत सभी नागरिक उड़ानों पर रोक
देहाती जर्नल: 10 मई 2025
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और संबंधित विमानन प्राधिकरणों ने संयुक्त रूप से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए देश के उत्तर और पश्चिमी क्षेत्रों के 32 हवाई अड्डों पर सभी नागरिक उड़ानों के संचालन को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। यह अस्थायी निलंबन 9 मई से प्रभावी होकर 14 मई 2025 तक लागू रहेगा और 15 मई को सुबह 5:29 बजे (IST) तक प्रभावी रहेगा।
प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) के अनुसार, निम्नलिखित हवाई अड्डे इस अस्थायी निलंबन से प्रभावित रहेंगे: अधमपुर, अंबाला, अमृतसर, अवंतीपुर, भटिंडा, भुज, बीकानेर, चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन, जैसलमेर, जम्मू, जामनगर, जोधपुर, कांडला, कांगड़ा (गग्गल), केशोद, किशनगढ़, कुल्लू मनाली (भुंतर), लेह, लुधियाना, मुंद्रा, नालिया, पठानकोट, पटियाला, पोरबंदर, राजकोट (हिरासर), सरसावा, शिमला, श्रीनगर, थोइस, और उत्तरलाई।
इसके साथ ही दिल्ली और मुंबई फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन (FIR) के अंतर्गत आने वाले 25 एयर ट्रैफिक सर्विस (ATS) मार्ग खंड भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। NOTAM G0555/25 (जो G0525/25 की जगह जारी किया गया है) के अनुसार, यह 25 मार्ग खंड जमीनी सतह से असीम ऊंचाई तक 14 मई 2025 के 23:59 यूटीसी (अर्थात 15 मई को 5:29 IST) तक उपयोग में नहीं लाए जा सकेंगे।
एयरलाइनों और उड़ान संचालकों को वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। इस अस्थायी रोक का उद्देश्य संचालन संबंधी कारणों से वायु यातायात की सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करना है। संबंधित एटीसी इकाइयों के साथ समन्वय कर इस अवधि के दौरान न्यूनतम विघ्न सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भारतीय सेना ने एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की है कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और अन्य हथियारबंद प्रणाली भारत की सीमा में प्रवेश कर रही हैं। इस बयान में बताया गया कि हाल ही में एक गंभीर घटना में आज तड़के लगभग सुबह 5 बजे अमृतसर स्थित खस्सा कैंट क्षेत्र में कई सशस्त्र ड्रोन देखे गए।
सेना के अनुसार, ये ड्रोन पाकिस्तान की सीमा से उड़ान भरकर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते पाए गए। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इन ड्रोन में विस्फोटक या हथियार लगे हो सकते हैं, जिनका उद्देश्य भारतीय सुरक्षा तंत्र में सेंध लगाना हो सकता है।
सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्परता से प्रतिक्रिया देते हुए इन ड्रोन की गतिविधियों को ट्रैक किया और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है, जबकि सीमावर्ती क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिए गए हैं।
भारतीय सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की घुसपैठ को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा और आवश्यक जवाबी कदम उठाए जाएंगे। इस संदर्भ में गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को भी सूचित किया गया है।
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब उत्तर और पश्चिम भारत के 32 हवाई अड्डों पर नागरिक उड़ानें पहले ही अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं, और क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता पहले से ही बढ़ी हुई है।
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