G20 में वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति पर ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी का संबोधन

हम इस संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं, और रूस को एक परीक्षा का सामना करना पड़ रहा है। यदि पुतिन स्थायी शांति के बारे में गंभीर हैं, तो इसका मतलब है आगे बढ़ने का एक रास्ता खोजना जो यूक्रेन की संप्रभुता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान करता है जो विश्वसनीय सुरक्षा गारंटी प्रदान करता है, और जो ज़ारिस्ट साम्राज्यवाद को खारिज करता है, और ब्रिटेन सुनने के लिए तैयार है।

विदेश नीति में वैश्विक एकता और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन आवश्यक – डेविड लैमी

केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका | 20 फरवरी 2025 – दक्षिण अफ्रीका में आयोजित G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी ने वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति पर अपना विचार रखते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कानून के प्रति सम्मान से ही संभव है।

अफ्रीका की भूमिका और वैश्विक संकट

लैमी ने अफ्रीका में G20 सम्मेलन के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह महाद्वीप युवा और प्रतिभाशाली जनसंख्या के साथ विकास की असीम संभावनाओं से भरा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अफ्रीका की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने वर्तमान समय में हो रहे वैश्विक संघर्षों का ज़िक्र करते हुए कहा कि दुनिया को युद्ध और अन्याय के पीड़ितों की पहचान करनी चाहिए, जिसमें यूक्रेन में जारी संघर्ष, गाजा और पश्चिमी तट में विस्थापित फिलिस्तीनी नागरिक, तथा सूडान और कांगो में हिंसा से प्रभावित लोग शामिल हैं।

रूस-यूक्रेन संघर्ष पर कड़ी प्रतिक्रिया

लैमी ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा करते हुए कहा कि रूस ने अपनी औपनिवेशिक असफलताओं से कोई सबक नहीं लिया और उसका रवैया आज भी साम्राज्यवादी है। उन्होंने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के भाषण की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें शांति और संप्रभुता के प्रति कोई प्रतिबद्धता नहीं थी, बल्कि यह केवल भू-राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित था।

उन्होंने कहा कि यदि रूस वाकई यूक्रेन में स्थायी शांति चाहता है, तो उसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप यूक्रेन की संप्रभुता का सम्मान करना होगा और अपनी विस्तारवादी नीति को त्यागना होगा।

मध्य पूर्व में संघर्ष और समाधान

गाजा संघर्ष पर बोलते हुए लैमी ने युद्धविराम को बनाए रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों की प्रशंसा की और फिलिस्तीनी प्राधिकरण को मजबूत करने और गाजा में सहायता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने दो-राज्य समाधान को ही दीर्घकालिक शांति का एकमात्र व्यावहारिक विकल्प बताया।

ब्रिटेन की वैश्विक नीतियां और भविष्य की रणनीति

ब्रिटेन की विदेश नीति के तहत, लैमी ने अफ्रीका और वैश्विक दक्षिण के साथ संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने सूडान में मानवीय सहायता को दोगुना करने और कांगो में चल रही हिंसा पर रुआंडा सरकार को कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

उन्होंने यह भी कहा कि भू-राजनीतिक स्थिरता अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुपालन से ही संभव है, और ब्रिटेन इसी नीति के तहत अपनी विदेश नीति को आगे बढ़ाएगा।

विदेश सचिव डेविड लैमी ने अपने भाषण में वैश्विक सहयोग, संघर्ष समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन भू-राजनीतिक स्थिरता को बनाए रखने और युद्धग्रस्त क्षेत्रों में न्याय और शांति स्थापित करने के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा।


इज़राइल में बंधकों की वापसी: बेंजामिन नेतन्याहू का भावनात्मक संदेश

Description of a brief summary of Valmiki 6 Kandam Ramayana by Rishi Narada

ऋषि नारद द्वारा वाल्मीकि 6 काण्डम् रामायण के संक्षिप्त सार का वर्णन