King Charles III, formerly known as The Prince of Wales, became King on the death of his mother Queen Elizabeth II

क्या ब्रिटिश राजशाही का दौर खत्म हो रहा है?

Date:1st May 2025

कमजोर होती लोकप्रियता और सरकारी खर्च पर बढ़ते सवाल

ब्रिटिश राजशाही सदियों से सत्ता, परंपरा और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक रही है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में इसकी लोकप्रियता और प्रासंगिकता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। राजशाही का भविष्य आज पहले से कहीं अधिक अनिश्चित नजर आ रहा है। ब्रिटेन में बढ़ती महंगाई, करदाताओं पर बोझ और आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के बीच, क्या ब्रिटिश जनता को अब राजशाही की जरूरत है?

लोकप्रियता में गिरावट: आंकड़े क्या कहते हैं?

ब्रिटेन की जनता में राजशाही को लेकर समर्थन धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। यूगव (YouGov) के हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, 18-24 आयु वर्ग के केवल 32% युवा ही राजशाही का समर्थन करते हैं, जबकि 40% युवा इसे पूरी तरह समाप्त करने के पक्ष में हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि ब्रिटेन की नई पीढ़ी राजशाही को एक पुरानी और अप्रासंगिक व्यवस्था मानने लगी है।

इसके अलावा, 2022 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद, चार्ल्स तृतीय के राजगद्दी संभालने के साथ ही राजशाही के प्रति समर्थन में गिरावट देखी गई। उनकी लोकप्रियता महारानी के मुकाबले काफी कम है, और उनके प्रति जनता में वह सम्मान नहीं दिखता जो महारानी के लिए था।

करदाताओं पर भारी बोझ: राजशाही बन रही है आर्थिक बोझ?

ब्रिटिश जनता का एक बड़ा वर्ग अब यह सवाल कर रहा है कि क्या राजशाही एक लोकतांत्रिक समाज में अनावश्यक आर्थिक बोझ बन गई है?

📌 2023-24 में शाही परिवार को सरकारी अनुदान के रूप में 86.3 मिलियन पाउंड (लगभग 900 करोड़ रुपये) दिए गए।
📌 राजपरिवार द्वारा महंगे शाही समारोह, सुरक्षा और विदेशी दौरों पर किए गए खर्च भी लगातार आलोचना के केंद्र में रहे हैं।
📌 कई ब्रिटिश नागरिकों को लगता है कि यह पैसा सार्वजनिक सेवाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण में खर्च किया जाना चाहिए।

राजशाही समर्थकों का तर्क है कि शाही परिवार ब्रिटेन के पर्यटन उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि महलों और ऐतिहासिक स्थलों के बिना भी पर्यटन उद्योग फल-फूल सकता है।

संसदीय लोकतंत्र में राजशाही की प्रासंगिकता?

ब्रिटेन एक संवैधानिक राजशाही है, जहां राजा का कोई राजनीतिक अधिकार नहीं होता, लेकिन फिर भी उन्हें एक प्रमुख राष्ट्र प्रमुख माना जाता है। यह सवाल उठता है कि क्या एक लोकतांत्रिक समाज में किसी गैर-निर्वाचित व्यक्ति को इतने विशेषाधिकार और सरकारी संसाधन मिलना चाहिए?

आयरलैंड, फ्रांस और अमेरिका जैसे आधुनिक लोकतांत्रिक देशों में राजशाही का कोई स्थान नहीं है, फिर भी वे सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। ब्रिटेन में भी कई नागरिक मानते हैं कि राजशाही का स्थान केवल एक ऐतिहासिक प्रतीक के रूप में रह गया है।

क्या भविष्य में ब्रिटिश राजशाही खत्म हो जाएगी?

हालांकि ब्रिटेन में अब भी कई लोग राजशाही का समर्थन करते हैं, लेकिन जिस तेजी से जनता में असंतोष बढ़ रहा है, यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले दशकों में राजशाही का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

➡ ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड जैसे देशों में भी राजशाही खत्म करने की मांग उठ रही है।
➡ बारबाडोस ने 2021 में ब्रिटिश राजशाही से अलग होकर गणराज्य बनने का निर्णय लिया।
➡ 2023 में, जमैका ने भी संकेत दिया कि वह जल्द ही ब्रिटिश राजशाही से अलग हो सकता है।

इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि ब्रिटिश साम्राज्य की पकड़ धीरे-धीरे ढीली हो रही है और कई राष्ट्र अब स्वतंत्र गणराज्य बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं।

निष्कर्ष: समय के साथ बदलना होगा या खत्म हो जाएगी राजशाही?

आज ब्रिटिश राजशाही एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी है। बढ़ती आर्थिक असमानता, सरकारी खर्च और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रबलता के बीच यह बहस और तेज होती जा रही है कि क्या ब्रिटेन को अब राजशाही की जरूरत है?

यदि राजशाही को अपनी प्रासंगिकता बनाए रखनी है, तो इसे आधुनिक समय के अनुरूप खुद को बदलना होगा। नहीं तो भविष्य में ब्रिटिश राजशाही केवल इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएगी।


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