Election Commission's clarification in response to Chief Minister Mamata Banerjee's allegations

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों के जवाब में चुनाव आयोग की स्पष्टीकरण

EPIC नंबर की डुप्लीकेशन का मतलब फर्जी मतदाता नहीं: चुनाव आयोग

मुख्य बिंदु:

✅ चुनाव आयोग ने EPIC नंबर डुप्लीकेशन पर दी सफाई।
✅ अलग-अलग राज्यों में समान EPIC नंबर मिलने की तकनीकी वजहें बताईं।
✅ मतदाता केवल अपने पंजीकृत निर्वाचन क्षेत्र में ही डाल सकते हैं वोट।
✅ आयोग ने अनूठे EPIC नंबर जारी करने के लिए उठाए कदम।

नई दिल्ली, 2 मार्च 2025 (PIB): पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद चुनाव आयोग (EC) ने स्पष्टीकरण जारी किया है कि EPIC (इलेक्टर्स फोटो आइडेंटिटी कार्ड) नंबर की डुप्लीकेशन का अर्थ फर्जी या डुप्लीकेट मतदाता नहीं होता। आयोग ने स्पष्ट किया कि कुछ मामलों में अलग-अलग राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों के मतदाताओं के EPIC नंबर समान हो सकते हैं, लेकिन उनकी अन्य सभी विवरण—जैसे नाम, विधानसभा क्षेत्र, और मतदान केंद्र—अलग होते हैं।

आयोग ने बताया कि EPIC नंबर की यह डुप्लीकेशन पुराने विकेंद्रीकृत और मैन्युअल प्रक्रिया के कारण हुई थी, जब विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने एक ही अल्फ़ान्यूमेरिक सीरीज़ का उपयोग किया था। हालांकि, चुनाव आयोग अब इस समस्या को हल करने के लिए ERONET 2.0 को अपडेट कर रहा है, जिससे प्रत्येक पंजीकृत मतदाता को एक अद्वितीय (Unique) EPIC नंबर दिया जाएगा।

आयोग ने यह भी दोहराया कि कोई भी मतदाता सिर्फ उसी निर्वाचन क्षेत्र में वोट डाल सकता है जहां वह पंजीकृत है। फर्जी वोटिंग की आशंकाओं को दूर करने के लिए जल्द ही सभी डुप्लीकेट EPIC नंबर को ठीक किया जाएगा।


हावड़ा बार एसोसिएशन ने पीड़ित वकीलों के लिए मुआवजे की मांग छोड़ी: एक आलोचनात्मक विश्लेषण

President Zelensky and Italy's PM Meloni meet - new action plan to end the war discussed

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और इटली की पीएम मेलोनी की मुलाकात – युद्ध समाप्ति के लिए नए एक्शन प्लान पर चर्चा