Detailed discussion on judicial accountability held in the 4th West Bengal State Conference organized by Legal Service Center

लीगल सर्विस सेंटर द्वारा आयोजित चौथे पश्चिम बंगाल राज्य सम्मेलन में न्यायिक जवाबदेही पर हुई विस्तृत चर्चा

Date: 24th February 2025

मुख्य न्यायाधीश शिवगणानम ने बेंगलुरु सिद्धांतों का किया उल्लेख, वरिष्ठ अधिवक्ता पार्थ सारथी सेनगुप्ता ने न्यायिक जवाबदेही की कमी पर जताई चिंता

मौलाली युवा केंद्र, कोलकाता में आयोजित हुआ चौथा पश्चिम बंगाल राज्य सम्मेलन

कोलकाता: लीगल सर्विस सेंटर (पश्चिम बंगाल चैप्टर) द्वारा आयोजित चौथा पश्चिम बंगाल राज्य सम्मेलन 22 और 23 फरवरी 2025 को मौलाली युवा केंद्र, कोलकाता में संपन्न हुआ। इस दो दिवसीय सम्मेलन में दो महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए – पहला ओपन सेशन, जिसमें आम जनता सहित गैर-कानूनी पेशे से जुड़े लोग भी शामिल हुए, और दूसरा डेलीगेट सेशन, जिसमें विशेष रूप से कानूनी क्षेत्र से जुड़े सदस्य एवं विशेष आमंत्रित अतिथि उपस्थित थे।

मुख्य न्यायाधीश ने की न्यायिक जवाबदेही पर चर्चा

सम्मेलन के दौरान, माननीय मुख्य न्यायाधीश शिवगणानम ने न्यायिक जवाबदेही पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बेंगलुरु सिद्धांतों का हवाला देते हुए न्यायपालिका की पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। सेवानिवृत्त न्यायाधीश शैलेन्द्र प्रसाद तालुकदार, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायिक नियुक्तियों और फैसलों में जवाबदेही आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने लीगल सर्विस सेंटर की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन जरूरतमंदों को कानूनी सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और जिला तथा उच्च न्यायालय स्तर पर न्यायपालिका द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों को उजागर करने का कार्य कर रहा है।

सीनियर एडवोकेट पार्थ सारथी सेनगुप्ता ने उठाया बड़ा सवाल

कलकत्ता उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री पार्थ सारथी सेनगुप्ता ने अपने 40 वर्षों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत में न्यायिक जवाबदेही मात्र एक सपना है, जो आज तक पूरा नहीं हो सका है। उन्होंने दुख प्रकट करते हुए कहा कि मुनसिफ कोर्ट से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक, कोई भी न्यायाधीश जनता या किसी अन्य संस्था के प्रति जवाबदेह नहीं होता, जबकि राजनेताओं को जनता के प्रति जवाबदेह रहना पड़ता है।

सम्मेलन की सफलता में रहा कई अधिवक्ताओं का योगदान

इस सम्मेलन के सफल आयोजन में अधिवक्ता कार्तिक कुमार रॉय के नेतृत्व में 42 सदस्यीय टीम ने अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा, लीगल सर्विस सेंटर के सचिव श्री भाबेश गांगुली, श्री रूपम चौधरी और हावड़ा जिला न्यायालय के अधिवक्ता पद्म लोचन ने भी इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सम्मेलन में शामिल सभी प्रतिनिधियों के लिए बंगाली नाश्ते और भोजन की व्यवस्था की गई थी।

यह सम्मेलन कानूनी सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिसमें न्यायपालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गहन चर्चा हुई।


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