यह रिपोर्ट तमिलनाडु विधि विभाग की नीति नोट 2024-2025 पर आधारित है। इसमें कानून से संबंधित विभिन्न पहलुओं, शैक्षिक संस्थानों, सरकारी पहलों और विधायी सुधारों का विवरण दिया गया है।
तमिलनाडु विधि विभाग नीति रिपोर्ट (2024-2025)
1. परिचय
कानून किसी भी समाज की रीढ़ होता है, जो नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों को निर्धारित करता है। तमिलनाडु विधि विभाग कानूनों के निर्माण, संशोधन और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. विधायी प्रक्रियाएँ और सुधार
- सरकार की नीतियों को कानून के रूप में तैयार करने के लिए विधि विभाग द्वारा बिलों का मसौदा तैयार किया जाता है।
- विधानसभा में पारित होने के बाद विधेयकों को अधिनियम में बदला जाता है।
- जब विधानसभा सत्र में नहीं होती, तब राज्यपाल के माध्यम से अध्यादेश जारी किया जाता है।
- विधि विभाग विभिन्न सरकारी विभागों को कानूनी सलाह भी प्रदान करता है।
3. कानूनी शिक्षा और विश्वविद्यालय
(क) विधि अध्ययन विभाग
- यह विभाग 1953 में स्थापित किया गया था ताकि राज्य में कानूनी शिक्षा के स्तर को ऊंचा किया जा सके।
- वर्तमान में तमिलनाडु में 15 सरकारी विधि महाविद्यालय कार्यरत हैं।
- सरकार विधि छात्रों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, जैसे कि पहली पीढ़ी के स्नातकों के लिए ट्यूशन शुल्क में छूट।
- तमिल भाषा में विधि पाठ्यक्रम सात महाविद्यालयों में उपलब्ध है।
(ख) तमिलनाडु डॉ. अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय
- यह दक्षिण एशिया का पहला विधि विश्वविद्यालय है, जिसके अंतर्गत कई संबद्ध विधि महाविद्यालय आते हैं।
- विश्वविद्यालय को NAAC द्वारा B++ ग्रेड प्रदान किया गया है।
- स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अलावा यहाँ पीएचडी अनुसंधान कार्यक्रम भी उपलब्ध हैं।
- विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और कई विदेशी संस्थानों के साथ समझौते किए गए हैं।
(ग) तमिलनाडु राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय
- 2012 में स्थापित इस विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य कानूनी शिक्षा को वैश्विक मानकों तक पहुँचाना है।
- यहाँ BA LLB (Hons), B.Com LLB (Hons), और LLM जैसे पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।
- सरकार ने राज्य के आरक्षित श्रेणी के छात्रों को “ऑल इंडिया कैटेगरी” में भी 69% आरक्षण प्रदान किया है।
- विश्वविद्यालय में 14 शोध केंद्र कार्यरत हैं, जो कानून और सामाजिक न्याय के विभिन्न पहलुओं पर शोध कर रहे हैं।
4. राज्य विधि आयोग
- विधि आयोग का मुख्य कार्य पुराने कानूनों की समीक्षा करना और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों के अनुसार उनमें संशोधन का सुझाव देना है।
- अब तक 205 मुख्य अधिनियमों और 1897 संशोधन अधिनियमों को निरस्त करने की सिफारिश की गई है।
- कुछ अधिनियमों में संशोधन एवं नए अधिनियम लाने के लिए भी सिफारिशें दी गई हैं।
5. आधिकारिक भाषा (विधायी) आयोग
- तमिल भाषा में कानूनी शब्दावली (Law Lexicon) तैयार करने का कार्य जारी है।
- राज्य और केंद्र सरकार के अधिनियमों का तमिल में अनुवाद किया जा रहा है।
- संविधान का संशोधित संस्करण तमिल में प्रकाशित किया गया है।
6. नोटरी और विधिक सेवाएँ
- तमिलनाडु में 2082 नोटरी पंजीकृत हैं, जो कानूनी प्रमाणन और अनुबंधों के सत्यापन का कार्य करते हैं।
7. सतत विकास लक्ष्य (SDG) और कानूनी शिक्षा
- सतत विकास लक्ष्य (SDG-4 और SDG-16) को लागू करने के लिए कानूनी शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- विधि महाविद्यालयों में छात्रों को इंग्लिश सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है ताकि वे प्रतिस्पर्धी विधिक परीक्षाओं में सफल हो सकें।
तमिलनाडु विधि विभाग विधायी प्रक्रिया, कानूनी शिक्षा और न्यायिक प्रशासन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इस नीति रिपोर्ट में उठाए गए सुधार और योजनाएँ राज्य में न्याय प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास हैं।
SOURCE: TAMIL NADU LAW DEPARTMENT POLICY NOTE 2024-2025
DEMAND No.33
S. REGUPATHY
Minister for Law
Government of Tamil Nadu 2024
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