आचार्य विश्वनाथ और काव्य का स्वरूप (साहित्यदर्पणः, 1384 ईस्वी) आचार्य विश्वनाथ चक्रवर्ती ने अपने ग्रंथ साहित्यदर्पण (Sahitya Darpan) में काव्य के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए कहा—"वाक्यं रसात्मकं काव्यम्", अर्थात् जो वाक्य रस से परिपूर्ण होता है, वही काव्य कहलाता है। इस…
Date: 10th March 2025 प्राचीन वैदिक नगर गया गया, जिसे ऋग्वेद में 'किकट राज्य' के रूप में उल्लिखित किया गया है, एक प्राचीन वैदिक नगर है जो वर्तमान में बिहार राज्य के गया जिले के रूप में जाना जाता है।…
Date: 9th March 2025 भगवद्गीता: एक अनूठी सैन्य निर्देशिका भगवद्गीता एक अनुपम सैन्य निर्देशिका (Military Guidelines) है। यह एक क्षत्रिय (श्रीकृष्ण) द्वारा दूसरे क्षत्रिय (अर्जुन) को युद्ध क्षेत्र में सफलता (Battle Success) के लिए दिया गया उपदेश है। प्रत्येक युद्ध…
भगवान महावीर का जीवन त्याग, तपस्या और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। भद्रबाहु द्वारा रचित कल्पसूत्र महावीर के संपूर्ण जीवन का प्रमाणिक दस्तावेज है। उन्होंने जिस जैन दर्शन की स्थापना की, वह आज भी करोड़ों अनुयायियों के लिए प्रेरणा का स्रोत…